जकार्ता। दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णों की बेटी दीया मुटियारा सुकमावती ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया है। उन्हें सुकमावती सुकर्णाेपुत्री के नाम से भी जाना जाता है। धर्मांतरण समारोह के प्रभारी आर्य वेदकर्ण ने कहा कि 26 अक्टूबर को बाली अगुंग सिंगराजा में शुद्धि वधनी नाम का कार्यक्रम होगा। इसमें वे हिंदू धर्म अपनाएंगी। इंडोनेशिया, सुकमावती सुकर्णाेपुत्री, आर्य वेदकर्ण, धर्मांतरण समारोह धर्मांतरण समारोह की तारीख पर ही सुकमावती का 70 वां जन्मदिन भी है। इंडोनेशियन नेशनल पार्टी की संस्थापक मुटियारा सुकमावती पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णाे की तीसरी बेटी हैं। वे इंडोनेशिया की पांचवीं राष्ट्रपति मेगावती सुकर्णाेपुत्री की बहन हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुकमावती के हिंदू धर्म में परिवर्तित होने की योजना को उनके भाइयों और बहन का समर्थन मिला है। उनके बच्चों ने भी इस पर सहमति दी है। शादी के 10 साल बाद 1984 में सुकमावती का तलाक हो गया था।सुकमावती ने हिंदू धर्म को अपनाने का फैसला अपनी दादी स्वर्गीय इडा आयु न्योमन राय श्रीम्बेन (1881-1958) से प्रभावित होकर लिया। सुकमावती के वकील ने बताया कि इसका कारण उनकी दादी का धर्म है। सुकमावती ने हिंदू धर्मशास्त्र को अच्छी तरह से पढ़ा है। (TNS)
जकार्ता। दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णों की बेटी दीया मुटियारा सुकमावती ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया है। उन्हें सुकमावती सुकर्णाेपुत्री के नाम से भी जाना जाता है। धर्मांतरण समारोह के प्रभारी आर्य वेदकर्ण ने कहा कि 26 अक्टूबर को बाली अगुंग सिंगराजा में शुद्धि वधनी नाम का कार्यक्रम होगा। इसमें वे हिंदू धर्म अपनाएंगी। इंडोनेशिया, सुकमावती सुकर्णाेपुत्री, आर्य वेदकर्ण, धर्मांतरण समारोह
धर्मांतरण समारोह की तारीख पर ही सुकमावती का 70 वां जन्मदिन भी है। इंडोनेशियन नेशनल पार्टी की संस्थापक मुटियारा सुकमावती पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णाे की तीसरी बेटी हैं। वे इंडोनेशिया की पांचवीं राष्ट्रपति मेगावती सुकर्णाेपुत्री की बहन हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुकमावती के हिंदू धर्म में परिवर्तित होने की योजना को उनके भाइयों और बहन का समर्थन मिला है। उनके बच्चों ने भी इस पर सहमति दी है। शादी के 10 साल बाद 1984 में सुकमावती का तलाक हो गया था।
सुकमावती ने हिंदू धर्म को अपनाने का फैसला अपनी दादी स्वर्गीय इडा आयु न्योमन राय श्रीम्बेन (1881-1958) से प्रभावित होकर लिया। सुकमावती के वकील ने बताया कि इसका कारण उनकी दादी का धर्म है। सुकमावती ने हिंदू धर्मशास्त्र को अच्छी तरह से पढ़ा है।
(TNS)
Your email address will not be published. Required fields are marked *