मुंगेली /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी, उठाव, परिवहन और मिलिंग में अनियमितता रोकने के लिए विकसित सतर्क ऐप ने मुंगेली जिले में बड़े घोटाले का खुलासा किया है।इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और एआई जनरेटेड अलर्ट सिस्टम के जरिए जिले में चल रहे फर्जीवाड़े पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।10 जनवरी तक मिले अलर्ट रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेशभर से करीब 700 अलर्ट प्राप्त हुए, जिनमें से 350 से अधिक अलर्ट अकेले मुंगेली जिले से सामने आए।इन अलर्ट के आधार पर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने 19 राइस मिलों पर छापेमार कार्रवाई की, जिसमें जांच के बाद 13 राइस मिलों को सील कर दिया गया, जबकि अन्य मिलों की जांच अभी जारी है।धान की अवैध ओवरलोडिंग और रीसाइक्लिंग की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए राइस मिल संचालक, सोसायटी प्रबंधक और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।इसके साथ ही धान परिवहन में लगे 23 वाहनों को जप्त किया गया है, जिनके माध्यम से ओवरलोडिंग कर अवैध धान परिवहन किया जा रहा था।100 से अधिक अधिकारियों को नोटिसधान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने 100 से अधिक जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।इनमें जिले के तीनों विकासखंडों के एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी, राजस्व विभाग तथा खाद्य और कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।स्टेट मॉनिटरिंग स्तर से जिले के खाद्य अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।अब तक की कार्रवाई एक नजर में13 राइस मिल सील23 वाहन जप्त8.14 करोड़ रुपये का धान घोटाला उजागर5 राइस मिलर व सोसायटी प्रबंधक/कर्मचारी पर एफआईआर6 आरोपी गिरफ्तार5 आरोपी फरारएडिशनल एसपी मयंक तिवारी ने बताया कि सतर्क ऐप और एआई अलर्ट सिस्टम से मिली जानकारियों के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे भी जांच जारी रहेगी।वहीं जिला नोडल अधिकारी जी.एल. यादव ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और एआई जनरेटेड अलर्ट सिस्टम के जरिए जिले में चल रहे फर्जीवाड़े पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
10 जनवरी तक मिले अलर्ट रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेशभर से करीब 700 अलर्ट प्राप्त हुए, जिनमें से 350 से अधिक अलर्ट अकेले मुंगेली जिले से सामने आए।
इन अलर्ट के आधार पर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने 19 राइस मिलों पर छापेमार कार्रवाई की, जिसमें जांच के बाद 13 राइस मिलों को सील कर दिया गया, जबकि अन्य मिलों की जांच अभी जारी है।
धान की अवैध ओवरलोडिंग और रीसाइक्लिंग की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए राइस मिल संचालक, सोसायटी प्रबंधक और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
इसके साथ ही धान परिवहन में लगे 23 वाहनों को जप्त किया गया है, जिनके माध्यम से ओवरलोडिंग कर अवैध धान परिवहन किया जा रहा था।
100 से अधिक अधिकारियों को नोटिस
धान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने 100 से अधिक जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इनमें जिले के तीनों विकासखंडों के एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी, राजस्व विभाग तथा खाद्य और कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
स्टेट मॉनिटरिंग स्तर से जिले के खाद्य अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अब तक की कार्रवाई एक नजर में
13 राइस मिल सील
23 वाहन जप्त
8.14 करोड़ रुपये का धान घोटाला उजागर
5 राइस मिलर व सोसायटी प्रबंधक/कर्मचारी पर एफआईआर
6 आरोपी गिरफ्तार
5 आरोपी फरार
एडिशनल एसपी मयंक तिवारी ने बताया कि सतर्क ऐप और एआई अलर्ट सिस्टम से मिली जानकारियों के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे भी जांच जारी रहेगी।
वहीं जिला नोडल अधिकारी जी.एल. यादव ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Your email address will not be published. Required fields are marked *