हरियाणा के फरीदाबाद जिले के एक गांव में औद्योगिक प्रदूषण ने भयावह रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव के चारों ओर स्थापित फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला पानी और काला धुआं गांव के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। दूषित हवा और पानी के कारण गांव में कैंसर की बीमारी महामारी की तरह फैल रही है, जिससे अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी मोनू डागर ने बताया कि पहले गांव में स्थिति सामान्य थी, लेकिन आसपास इंडस्ट्री लगने के बाद हालात बदतर हो गए। फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त गंदा पानी बोरवेल और सप्लाई के पानी में मिल रहा है, जिसका इस्तेमाल ग्रामीण पीने और घरेलू कार्यों में कर रहे हैं। इसके अलावा फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला धुआं पूरे गांव में फैल रहा है, जिससे हवा पूरी तरह प्रदूषित हो चुकी है।स्थानीय निवासियों के अनुसार गांव में अब तक कैंसर से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि वर्तमान में करीब 40 कैंसर मरीज इलाज करा रहे हैं। हाल ही में 12 साल के एक बच्चे की भी कैंसर से मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पार्षद, विधायक, प्रदूषण विभाग और जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।एक अन्य ग्रामीण संतराम ने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी गांव के आसपास बने तालाबों में जमा हो रहा है, जिससे भूजल भी दूषित हो रहा है। प्रदूषण का असर इतना ज्यादा है कि गांव में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। वहीं बुजुर्ग सतपाल डागर ने बताया कि कैंसर की वजह से उनके परिवार में दो भाइयों की मौत हो चुकी है और गांव से अब तक करीब 200 परिवार पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में पूरा गांव खाली हो सकता है।स्थानीय निवासी खजान डागर ने कहा कि गांव के चारों तरफ फैक्ट्रियां बसी हुई हैं, लेकिन कहीं भी ग्रीन बेल्ट या हरियाली नहीं है। प्रदूषण की स्थिति इतनी गंभीर है कि रात में छत पर सोने के बाद सुबह सफेद कपड़े तक काले पड़ जाते हैं।इस पूरे मामले में फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि अब यह मामला उनके संज्ञान में आया है। प्रशासन द्वारा एक कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के फरीदाबाद जिले के एक गांव में औद्योगिक प्रदूषण ने भयावह रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव के चारों ओर स्थापित फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला पानी और काला धुआं गांव के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। दूषित हवा और पानी के कारण गांव में कैंसर की बीमारी महामारी की तरह फैल रही है, जिससे अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी मोनू डागर ने बताया कि पहले गांव में स्थिति सामान्य थी, लेकिन आसपास इंडस्ट्री लगने के बाद हालात बदतर हो गए। फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त गंदा पानी बोरवेल और सप्लाई के पानी में मिल रहा है, जिसका इस्तेमाल ग्रामीण पीने और घरेलू कार्यों में कर रहे हैं। इसके अलावा फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला धुआं पूरे गांव में फैल रहा है, जिससे हवा पूरी तरह प्रदूषित हो चुकी है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार गांव में अब तक कैंसर से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि वर्तमान में करीब 40 कैंसर मरीज इलाज करा रहे हैं। हाल ही में 12 साल के एक बच्चे की भी कैंसर से मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पार्षद, विधायक, प्रदूषण विभाग और जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
एक अन्य ग्रामीण संतराम ने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी गांव के आसपास बने तालाबों में जमा हो रहा है, जिससे भूजल भी दूषित हो रहा है। प्रदूषण का असर इतना ज्यादा है कि गांव में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। वहीं बुजुर्ग सतपाल डागर ने बताया कि कैंसर की वजह से उनके परिवार में दो भाइयों की मौत हो चुकी है और गांव से अब तक करीब 200 परिवार पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में पूरा गांव खाली हो सकता है।
स्थानीय निवासी खजान डागर ने कहा कि गांव के चारों तरफ फैक्ट्रियां बसी हुई हैं, लेकिन कहीं भी ग्रीन बेल्ट या हरियाली नहीं है। प्रदूषण की स्थिति इतनी गंभीर है कि रात में छत पर सोने के बाद सुबह सफेद कपड़े तक काले पड़ जाते हैं।
इस पूरे मामले में फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि अब यह मामला उनके संज्ञान में आया है। प्रशासन द्वारा एक कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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