Detailed Description (विस्तृत विवरण):दुर्ग/धमधा: निजी अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के चलते एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता चिरज वर्मा ने धमधा थाना में श्रेया अस्पताल एण्ड डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को पद्माबाई वर्मा (57 वर्ष) घर के आंगन में गिर गई थीं, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई और वे चलने में असमर्थ हो गई। अगले दिन, 11 अक्टूबर 2025 को उन्हें इलाज के लिए श्रेया अस्पताल लाया गया। 13 अक्टूबर को उनके पैर का ऑपरेशन किया गया।लेकिन ऑपरेशन के अगले दिन, 14 अक्टूबर को उनकी हालत बिगड़ने लगी और सांस लेने में परेशानी होने लगी। अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बिना परिजनों की सहमति के शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी रेफर कर दिया। आरोप है कि रेफर के समय एम्बुलेंस में पर्याप्त चिकित्सकीय देखरेख और डॉक्टर की उपलब्धता नहीं थी, जिसके कारण रास्ते में ही पद्माबाई वर्मा की मौत हो गई।धमधा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की और पाया कि अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर द्वारा इलाज में लापरवाही बरती गई। इस मामले में थाना धमधा में अपराध धारा 106(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की गई। इसके तहत श्रेया अस्पताल के प्रबंधक मनीष राजपूत और डॉक्टर अभिषेक पांडे को गिरफ्तार किया गया है।परिजन अब इस मामले में न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा एवं जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
दुर्ग/धमधा: निजी अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के चलते एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता चिरज वर्मा ने धमधा थाना में श्रेया अस्पताल एण्ड डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को पद्माबाई वर्मा (57 वर्ष) घर के आंगन में गिर गई थीं, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई और वे चलने में असमर्थ हो गई। अगले दिन, 11 अक्टूबर 2025 को उन्हें इलाज के लिए श्रेया अस्पताल लाया गया। 13 अक्टूबर को उनके पैर का ऑपरेशन किया गया।
लेकिन ऑपरेशन के अगले दिन, 14 अक्टूबर को उनकी हालत बिगड़ने लगी और सांस लेने में परेशानी होने लगी। अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बिना परिजनों की सहमति के शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी रेफर कर दिया। आरोप है कि रेफर के समय एम्बुलेंस में पर्याप्त चिकित्सकीय देखरेख और डॉक्टर की उपलब्धता नहीं थी, जिसके कारण रास्ते में ही पद्माबाई वर्मा की मौत हो गई।
धमधा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की और पाया कि अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर द्वारा इलाज में लापरवाही बरती गई। इस मामले में थाना धमधा में अपराध धारा 106(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की गई। इसके तहत श्रेया अस्पताल के प्रबंधक मनीष राजपूत और डॉक्टर अभिषेक पांडे को गिरफ्तार किया गया है।
परिजन अब इस मामले में न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा एवं जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
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