मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर:धान खरीदी को लेकर उठा विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार द्वारा धान के नुकसान के लिए चूहों को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद यह मामला पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। विपक्षी कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर घोटाला बताते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।इसी कड़ी में एमसीबी जिले के मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मनेंद्रगढ़ स्थित धान उपार्जन केंद्र में उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समिति प्रबंधक को प्रतीकात्मक रूप से चूहा पकड़ने का पिंजरा सौंपते हुए सरकार के बयान पर तीखा तंज कसा।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार चार पैर वाले चूहों को आगे कर दो पैर वाले चूहों, यानी असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और दलालों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। इस आंदोलन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, नगर के कांग्रेस पार्षद, महिला कांग्रेस की पदाधिकारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।मनेंद्रगढ़ कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने कहा,“सरकार धान के नुकसान की जिम्मेदारी चूहों पर डालकर असली दोषियों को बचा रही है। हम साफ कहना चाहते हैं कि चार पैर वाले चूहे नहीं, बल्कि दो पैर वाले चूहों की जांच होनी चाहिए। अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।”प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपार्जन केंद्र पहुंचे किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने धान तौल में गड़बड़ी, भुगतान में देरी और भंडारण की अव्यवस्थाओं को लेकर अपनी शिकायतें रखीं।पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि किसान परेशान हैं, धान खरीदी में अव्यवस्था है और भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी।वहीं, कांग्रेस के जिला महामंत्री राजकुमार केशरवानी ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी और भंडारण में भारी अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जिला स्तर से निकलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है।कुल मिलाकर, धान खरीदी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक संघर्ष बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है, या फिर कांग्रेस का यह आंदोलन और व्यापक रूप लेता है।
मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर:धान खरीदी को लेकर उठा विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार द्वारा धान के नुकसान के लिए चूहों को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद यह मामला पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। विपक्षी कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर घोटाला बताते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इसी कड़ी में एमसीबी जिले के मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मनेंद्रगढ़ स्थित धान उपार्जन केंद्र में उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समिति प्रबंधक को प्रतीकात्मक रूप से चूहा पकड़ने का पिंजरा सौंपते हुए सरकार के बयान पर तीखा तंज कसा।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार चार पैर वाले चूहों को आगे कर दो पैर वाले चूहों, यानी असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और दलालों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। इस आंदोलन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, नगर के कांग्रेस पार्षद, महिला कांग्रेस की पदाधिकारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मनेंद्रगढ़ कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने कहा,
“सरकार धान के नुकसान की जिम्मेदारी चूहों पर डालकर असली दोषियों को बचा रही है। हम साफ कहना चाहते हैं कि चार पैर वाले चूहे नहीं, बल्कि दो पैर वाले चूहों की जांच होनी चाहिए। अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।”
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपार्जन केंद्र पहुंचे किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने धान तौल में गड़बड़ी, भुगतान में देरी और भंडारण की अव्यवस्थाओं को लेकर अपनी शिकायतें रखीं।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि किसान परेशान हैं, धान खरीदी में अव्यवस्था है और भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी।
वहीं, कांग्रेस के जिला महामंत्री राजकुमार केशरवानी ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी और भंडारण में भारी अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जिला स्तर से निकलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है।
कुल मिलाकर, धान खरीदी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक संघर्ष बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है, या फिर कांग्रेस का यह आंदोलन और व्यापक रूप लेता है।
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