हैदराबाद:शहर के नामपल्ली इलाके में स्थित एक फर्नीचर की दुकान में शनिवार को लगी भीषण आग ने भयावह रूप ले लिया। करीब 22 घंटे तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दमकल और राहत दलों ने बिल्डिंग के अंदर फंसे पांच लोगों के शव बरामद किए। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन को समाप्त कर दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।दमकल विभाग के मुताबिक, आग लगने के बाद दुकान और बेसमेंट में भारी मात्रा में धुआं भर गया, जिससे राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। घने धुएं और सीमित रास्तों के कारण रेस्क्यू टीम को अंदर पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। बरामद किए गए शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए उस्मानिया हॉस्पिटल भेजा गया है, जहां परिजनों द्वारा पहचान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।इस रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी फायर सेफ्टी डायरेक्टर विक्रम मान सिंह और डीसीपी शिल्पावली ने की। मौके पर दमकल विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार जुटी रहीं।🔴 मंत्री ने जताया गहरा दुखहैदराबाद के प्रभारी मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने नामपल्ली स्टेशन रोड पर हुई इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि घटना की जानकारी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को दे दी गई है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।इसके साथ ही उन्होंने फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन को लेकर दुकान मालिक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने जीएचएमसी, पुलिस, राजस्व और दमकल विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के आदेश दिए।🏢 बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल जांच जारीहादसे के बाद बिल्डिंग की मजबूती को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जेएनटीयू की एक इंजीनियरिंग टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर इमारत की स्ट्रक्चरल मजबूती की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि नियमों के खिलाफ भारी मात्रा में फर्नीचर का स्टॉक बेसमेंट में रखा गया था।⚠️ परिजनों का प्रदर्शनइस दौरान हादसे में फंसे लोगों के परिजनों ने अपनों की जानकारी न मिलने पर नाराजगी जाहिर की और घटनास्थल पर प्रदर्शन किया। कुछ समय के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए, जब परिजनों ने बिल्डिंग में घुसने की कोशिश की। पुलिस और अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया।🚒 फायर अफसर का बयानडायरेक्टर जनरल ऑफ फायर सर्विसेज विक्रम सिंह मान ने कहा,“यह बेहद गंभीर हादसा है। आग और धुएं पर काबू पाना आसान नहीं था। बेसमेंट में जाने का कोई उचित रास्ता नहीं होने के कारण रेस्क्यू में देरी हुई। नियमों का उल्लंघन कर सेलर में स्टॉक रखा गया था, जिसकी वजह से स्थिति और खराब हो गई।”फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
हैदराबाद:शहर के नामपल्ली इलाके में स्थित एक फर्नीचर की दुकान में शनिवार को लगी भीषण आग ने भयावह रूप ले लिया। करीब 22 घंटे तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दमकल और राहत दलों ने बिल्डिंग के अंदर फंसे पांच लोगों के शव बरामद किए। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन को समाप्त कर दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
दमकल विभाग के मुताबिक, आग लगने के बाद दुकान और बेसमेंट में भारी मात्रा में धुआं भर गया, जिससे राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। घने धुएं और सीमित रास्तों के कारण रेस्क्यू टीम को अंदर पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। बरामद किए गए शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए उस्मानिया हॉस्पिटल भेजा गया है, जहां परिजनों द्वारा पहचान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी फायर सेफ्टी डायरेक्टर विक्रम मान सिंह और डीसीपी शिल्पावली ने की। मौके पर दमकल विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार जुटी रहीं।
हैदराबाद के प्रभारी मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने नामपल्ली स्टेशन रोड पर हुई इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि घटना की जानकारी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को दे दी गई है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
इसके साथ ही उन्होंने फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन को लेकर दुकान मालिक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने जीएचएमसी, पुलिस, राजस्व और दमकल विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के आदेश दिए।
हादसे के बाद बिल्डिंग की मजबूती को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जेएनटीयू की एक इंजीनियरिंग टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर इमारत की स्ट्रक्चरल मजबूती की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि नियमों के खिलाफ भारी मात्रा में फर्नीचर का स्टॉक बेसमेंट में रखा गया था।
इस दौरान हादसे में फंसे लोगों के परिजनों ने अपनों की जानकारी न मिलने पर नाराजगी जाहिर की और घटनास्थल पर प्रदर्शन किया। कुछ समय के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए, जब परिजनों ने बिल्डिंग में घुसने की कोशिश की। पुलिस और अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया।
डायरेक्टर जनरल ऑफ फायर सर्विसेज विक्रम सिंह मान ने कहा,“यह बेहद गंभीर हादसा है। आग और धुएं पर काबू पाना आसान नहीं था। बेसमेंट में जाने का कोई उचित रास्ता नहीं होने के कारण रेस्क्यू में देरी हुई। नियमों का उल्लंघन कर सेलर में स्टॉक रखा गया था, जिसकी वजह से स्थिति और खराब हो गई।”
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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