छत्तीसगढ़ में साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका अपनाया है। फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर लोगों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल हैक किए जा रहे हैं और बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ा लिए जा रहे हैं। ताजा मामला बिलासपुर जिले के तोरवा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक महिला से करीब 7 लाख 98 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई।धानमंडी, तोरवा निवासी अनीता साहू के मोबाइल पर 29 जनवरी को परिवहन एप के नाम से एक फर्जी मैसेज आया, जिसमें मोटरसाइकिल पर 2000 रुपये का चालान बताया गया था। मैसेज में दिए गए लिंक के जरिए ऐप डाउनलोड करने का प्रयास कराया गया। लिंक डाउनलोड न होने पर 1 रुपये का रजिस्ट्रेशन चार्ज भरवाया गया, जिसके बाद मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद 31 जनवरी की शाम 5:30 बजे से रात 8:45 बजे के बीच उनके पीएनबी बैंक खाते से 17 ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 6 लाख 83 हजार 800 रुपये निकाल लिए गए।साइबर ठगी का दूसरा मामला भी तोरवा थाना क्षेत्र के कासिमपारा इलाके से सामने आया है। रेलवे विभाग में ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत मोहम्मद मोइनुल हक के मोबाइल को भी हैक कर लिया गया। उनके एसबीआई खाते से 27 से 31 जनवरी के बीच अलग-अलग तारीखों में कुल 1 लाख 14 हजार 997 रुपये की ठगी की गई।दोनों मामलों में तोरवा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अभय सिंह के अनुसार, साइबर ठगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। इन घटनाओं के बाद बिलासपुर में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज या संदिग्ध ऐप से सावधान रहें।आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक चपत का कारण बन सकती है।
छत्तीसगढ़ में साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका अपनाया है। फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर लोगों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल हैक किए जा रहे हैं और बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ा लिए जा रहे हैं। ताजा मामला बिलासपुर जिले के तोरवा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक महिला से करीब 7 लाख 98 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई।
धानमंडी, तोरवा निवासी अनीता साहू के मोबाइल पर 29 जनवरी को परिवहन एप के नाम से एक फर्जी मैसेज आया, जिसमें मोटरसाइकिल पर 2000 रुपये का चालान बताया गया था। मैसेज में दिए गए लिंक के जरिए ऐप डाउनलोड करने का प्रयास कराया गया। लिंक डाउनलोड न होने पर 1 रुपये का रजिस्ट्रेशन चार्ज भरवाया गया, जिसके बाद मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद 31 जनवरी की शाम 5:30 बजे से रात 8:45 बजे के बीच उनके पीएनबी बैंक खाते से 17 ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 6 लाख 83 हजार 800 रुपये निकाल लिए गए।
साइबर ठगी का दूसरा मामला भी तोरवा थाना क्षेत्र के कासिमपारा इलाके से सामने आया है। रेलवे विभाग में ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत मोहम्मद मोइनुल हक के मोबाइल को भी हैक कर लिया गया। उनके एसबीआई खाते से 27 से 31 जनवरी के बीच अलग-अलग तारीखों में कुल 1 लाख 14 हजार 997 रुपये की ठगी की गई।
दोनों मामलों में तोरवा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अभय सिंह के अनुसार, साइबर ठगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। इन घटनाओं के बाद बिलासपुर में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज या संदिग्ध ऐप से सावधान रहें।
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक चपत का कारण बन सकती है।
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